उड़ान योजना में एंट्री की तैयारी में अकासा एयर! छोटे शहरों तक बढ़ाएगी पहुंच, फ्लीट विस्तार पर भी बड़ा दांव

नई दिल्ली: देश की तेजी से उभरती एयरलाइन कंपनियों में शामिल अकासा एयर अब सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना ‘उड़ान’ के तहत सेवाएं शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने संकेत दिए हैं कि सभी संभावित रूटों का अध्ययन करने के बाद इस संबंध में अंतिम फैसला लिया जाएगा।

अगले महीने अपनी वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं के चार वर्ष पूरे करने जा रही अकासा एयर फिलहाल विस्तार की आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का फोकस नए विमानों की खरीद, नेटवर्क विस्तार और यात्री क्षमता बढ़ाने पर है।

उड़ान योजना में शामिल होने पर मंथन

विनय दुबे ने कहा कि कंपनी ‘उड़ान’ योजना का हिस्सा बनने की संभावना तलाश रही है। इसके लिए विभिन्न रूटों और व्यावसायिक संभावनाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है। अध्ययन पूरा होने के बाद कंपनी इस पर अंतिम निर्णय लेगी।

केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना का उद्देश्य छोटे शहरों और कम सेवा वाले हवाई अड्डों को सस्ती हवाई सेवाओं से जोड़ना है। संशोधित योजना के तहत देशभर में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

क्षमता में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी का लक्ष्य

अकासा एयर ने चालू वित्त वर्ष में अपनी परिचालन क्षमता में 30 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य तय किया है। कंपनी का अनुमान है कि अगले चार से पांच वर्षों तक उसकी क्षमता वृद्धि 30 से 40 प्रतिशत के बीच बनी रह सकती है।

एयरलाइन का मानना है कि बढ़ती हवाई यात्रा मांग और नए विमानों की उपलब्धता उसके विस्तार कार्यक्रम को गति देगी।

226 विमानों का ऑर्डर, लगातार बढ़ रहा फ्लीट

इस वर्ष अब तक अकासा एयर को नौ नए बोइंग 737 मैक्स विमान मिल चुके हैं। कंपनी ने कुल 226 विमानों का ऑर्डर दिया हुआ है, जिनमें से शेष 186 विमान वर्ष 2032 के अंत तक फ्लीट में शामिल होने की उम्मीद है।

सीईओ के अनुसार बोइंग निर्धारित समय के अनुरूप विमानों की आपूर्ति कर रहा है और आने वाले वर्षों में विमान डिलीवरी की रफ्तार और तेज होने की संभावना है।

28 घरेलू और 7 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों पर सेवाएं

वर्तमान समय में अकासा एयर 28 घरेलू और 7 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ान सेवाएं संचालित कर रही है। कंपनी लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है और नए बाजारों में प्रवेश की संभावनाएं तलाश रही है।

एयरलाइन का लक्ष्य यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अपनी मौजूदगी मजबूत करना है।

फिलहाल नहीं बदलेगी बिजनेस रणनीति

विनय दुबे ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कंपनी एक ही प्रकार के विमान और एकल श्रेणी मॉडल के साथ काम जारी रखेगी। हालांकि बदलती परिस्थितियों और उद्योग की जरूरतों के अनुसार रणनीति की समय-समय पर समीक्षा की जाती रहेगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान मॉडल अब तक कंपनी के लिए प्रभावी साबित हुआ है और इसी आधार पर आगे की योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

850 से ज्यादा पायलट, 5 हजार से अधिक कर्मचारी

अकासा एयर में इस समय 850 से अधिक पायलट कार्यरत हैं, जबकि कुल कर्मचारियों की संख्या 5,000 से ज्यादा है। कंपनी ने यह भी बताया कि सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच उसने कर पूर्व आय (EBITDA) स्तर पर लाभ दर्ज किया है, जो उसके कारोबारी प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

 

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